रामायण की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक है भगवान राम और रावण के बीच हुआ अंतिम युद्ध। रावण एक अत्यंत शक्तिशाली योद्धा था और उसके साथ युद्ध करना आसान नहीं था। भगवान राम ने कई बार उसके सिर काटे, लेकिन हर बार उसके सिर फिर दिखाई देने लगे। ऐसे में सवाल उठता है— आखिर रावण की मृत्यु का निर्णायक रहस्य किसने बताया था? लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों और कई प्रचलित कथाओं में अक्सर यह बताया जाता है कि रावण की कमजोरी के बारे में विभीषण ने भगवान राम को जानकारी दी थी। लेकिन वाल्मीकि रामायण के युद्ध प्रसंग में अंतिम चरण का एक अलग और बेहद महत्वपूर्ण विवरण मिलता है। यहां रावण के अंत के निर्णायक क्षण में भगवान राम के सारथी मातलि की भूमिका सामने आती है। और इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि प्रचलित मान्यता के विपरीत, निर्णायक बाण रावण की नाभि में नहीं, बल्कि उसके वक्ष यानी छाती में लगा था। जब रावण के सिर बार-बार लौट आते थे लंका के युद्ध में भगवान राम और रावण के बीच भयंकर युद्ध चल रहा था। दोनों ओर से लगातार दिव्य अस्त्रों और बाणों का प्रयोग हो रहा था। रावण अपनी असाधारण युद्ध क्षमता के कारण लंबे समय तक रा...